Empowering Rajasthan Gifts from CM Bhajanlal Sharma and Deputy CM Diya Kumari

राजस्थान के उद्यमियों, युवाओं, बच्चों और महिलाओं के लिए सौगात दी है मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी जी ने

प्रदेश की भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित सरकार ने अपना पहला बजट ऐसा पेश किया कि वाहवाही करने का मन करता है। गलत नहीं कहूंगा कि माननीय उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी जी ने मात्र एक बजट प्रस्तुत नहीं किया है। बल्कि 2024-25 राज्य के विकास के नए आयाम स्थापित करने और राज्य को समृद्धि के पथ पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। सरकार की विभिन्न योजनाएँ और प्रावधान राज्य के हर नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह बजट राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

महाभारत के शांति पर्व के 72वें अध्याय में एक श्लोक आता है

दापयित्वाकरंधर्म्यंराष्ट्रंनित्यंयथाविधि।
अशेषान्कल्पयेद्राजायोगक्षेमानतन्द्रितः॥11॥

इसका अर्थ है कि राजा को किसी प्रकार की ढिलाई न करते हुए, धर्म के अनुरूप करों अर्थात टैक्स का संग्रहण करना चाहिए। वहीं राजा को राज धर्म के अनुसार शासन करना चाहिए और लोगों अर्थात प्रजा के योगक्षेम (कल्याण) के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करनी चाहिए।

एक दिन पहले पेश हुए राजस्थान के बजट पर यह श्लोक सटीक बैठता है।

एक व्यापारी होने के नाते मैं सीताराम पोसवाल यह मानता हूं कि इस बजट में राजस्थान सरकार ने अपने वित्तीय प्रबंधन में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अनुमानित राजस्व प्राप्तियों का आंकड़ा ₹2,64,461 करोड़ है। जबकि अनुमानित राजस्व व्यय ₹2,90,219 करोड़ है। इस प्रकार, अनुमानित राजस्व घाटा ₹25,758 करोड़ है। अनुमानित राजकोषीय घाटा ₹70,009 करोड़ है, जो कि GSDP का 3.93% है। यह बजट वित्तीय अनुशासन और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अमृत कालखंड के अंतर्गत विकसित राजस्थान @ 2047

राजस्थान सरकार ने ‘विकसित राजस्थान @ 2047’ के तहत 5 वर्षों की कार्ययोजना बनाई है। यह सर्वजन हिताय पर आधारित समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार ने इस योजना के माध्यम से राज्य को विकसित और समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है।

जल आपूर्ति बजट

राजस्थान सरकार ने ‘जल जीवन मिशन’ के तहत 25 लाख ग्रामीण घरों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा, 6 बड़े पेयजल परियोजनाओं के लिए 20 हजार 370 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

‘अमृत 2.0 योजना’ के अंतर्गत 183 शहरों/कस्बों में दो वर्षों में पेयजल कार्यों के लिए 5 हजार 180 करोड़ रुपये का प्रावधान है। 32 शहरी जल निकायों के मरम्मत कार्यों के लिए 127 करोड़ रुपये और अजमेर शहर की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सेवा जलाशय का निर्माण किया जाएगा। नसीराबाद से नौसर घाटी/कोटड़ा क्षेत्र तक जल पाइपलाइन का कार्य भी इस बजट का हिस्सा है।

ऊर्जा बजट

सरकार ने अगले 10 वर्षों के लिए आवश्यक ऊर्जा उत्पादन की कार्ययोजना बनाई है। इसमें 2031-32 तक पारंपरिक स्रोतों से 20 हजार 500 मेगावाट और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से 33 हजार 600 मेगावाट की क्षमता का उत्पादन कार्य शामिल है। इस उद्देश्य के लिए 2 लाख 25 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

राजस्थान में सौर ऊर्जा पार्कों का विकास पुगल, छतरगढ़-बिकानेर और बोडाना-जैसलमेर में किया जाएगा। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रत्येक जिले में आदर्श सौरग्राम की स्थापना होगी। सभी सरकारी कार्यालयों में समयबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा आधारित बिजली की व्यवस्था की जाएगी।

बुनियादी ढांचे का विकास

राजस्थान सरकार ने आगामी 5 वर्षों में 53 हजार किलोमीटर लंबी सड़क नेटवर्क के विकास के लिए 60 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। राज्य हाईवे, बायपास रोड, फ्लाईओवर, एलिवेटेड रोड, आरओबी और आरयूबी, हाई लेवल ब्रिजेज़ के निर्माण, उन्नयन, मरम्मत और रखरखाव के कार्यों के लिए 9 हजार करोड़ रुपये का बजट है।

9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण, 1 हजार 343 क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत के लिए 644 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

क्षेत्रीय विकास और नागरिक सुविधाएं

‘राजस्थान क्षेत्रीय और शहरी योजना विधेयक-2024’ के तहत शहरों और परि-शहरी क्षेत्रों का नियोजित विकास होगा। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

शहरी निकायों में चयनित स्थानों पर वाई-फाई सक्षम लाइब्रेरी और को-वर्किंग स्टेशन के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान है। बिजली लाइनों के भूमिगत कार्यों के लिए 150 करोड़ रुपये, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 71 शहरी निकायों में प्रसंस्करण संयंत्रों का निर्माण और 86 शहरी निकायों में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर्स का निर्माण भी इस बजट का हिस्सा है।

महिलाओं के लिए बायो/पिंक टॉयलेट कॉम्प्लेक्स का निर्माण, 500 बसों की खरीद, सेवा मॉडल पर 800 बसें, और 2 वर्षों में 300 इलेक्ट्रिक बसें भी इस बजट में शामिल हैं।

इस बजट में प्रस्तुत की गई योजनाएं राजस्थान के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। सरकार के ये प्रयास राज्य को विकसित और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राजस्थान के नागरिकों के लिए यह बजट आशा और समृद्धि का प्रतीक है, जो राज्य को नए विकास की दिशा में अग्रसर करेगा।

राजस्थान सरकार ने 2024 के बजट में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है। यह बजट राजस्थान को विकास के नए आयामों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार ने जल आपूर्ति, ऊर्जा, और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अनेक योजनाएं प्रस्तुत की हैं, जो राज्य के विकास को नई दिशा देंगी।

अमृत कालखंड के अंतर्गत विकसित राजस्थान @ 2047

राजस्थान सरकार ने ‘विकसित राजस्थान @ 2047’ के तहत 5 वर्षों की कार्ययोजना बनाई है। यह सर्वजन हिताय पर आधारित समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार ने इस योजना के माध्यम से राज्य को विकसित और समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है। राजस्थान सरकार ने ‘जल जीवन मिशन’ के तहत 25 लाख ग्रामीण घरों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा, 6 बड़े पेयजल परियोजनाओं के लिए 20 हजार 370 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं ‘अमृत 2.0 योजना’ के अंतर्गत 183 शहरों/कस्बों में दो वर्षों में पेयजल कार्यों के लिए 5 हजार 180 करोड़ रुपये का प्रावधान है। राजस्थान के लिए लोग यह नहीं सोचें कि यह एक सूखा प्रदेश है और पानी की कमी यहां सबसे बड़ी समस्या है। श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान की सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि पेयजल क्षेत्र में राजस्थान आत्मनिर्भर बने।

ऊर्जा बजट

बजट में यह भी उपाय किया गया है कि प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में भी आगे बढ़े। सरकार ने अगले 10 वर्षों के लिए आवश्यक ऊर्जा उत्पादन की कार्ययोजना बनाई है। इसमें 2031-32 तक पारंपरिक स्रोतों से 20 हजार 500 मेगावाट और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से 33 हजार 600 मेगावाट की क्षमता का उत्पादन कार्य शामिल है। इस उद्देश्य के लिए 2 लाख 25 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित करना सरकार की दूरगामी सोच का स्पष्ट परिचायक है।

बुनियादी ढांचे का विकास

किसी भी प्रदेश का बुनियादी ढांचा उसके स्वरूप का आधार तय करता है। सरकार ने आगामी 5 वर्षों में 53 हजार किलोमीटर लंबी सड़क नेटवर्क के विकास के लिए 60 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। राज्य हाईवे, बायपास रोड, फ्लाईओवर, एलिवेटेड रोड, आरओबी और आरयूबी, हाई लेवल ब्रिजेज़ के निर्माण, उन्नयन, मरम्मत और रखरखाव के कार्यों के लिए 9 हजार करोड़ रुपये का बजट है। वहीं 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण, 1 हजार 343 क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत के लिए 644 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित करके बड़ी सोच का परिचय दिया है।

क्षेत्रीय विकास और नागरिक सुविधाएं

‘राजस्थान क्षेत्रीय और शहरी योजना विधेयक-2024’ के तहत शहरों और परि-शहरी क्षेत्रों का नियोजित विकास होगा। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान करके हमारे आदर्श जनसंघ के संस्थापक को अनूठी श्रद्धांजलि भी दी है।

शहरी निकायों में चयनित स्थानों पर वाई-फाई सक्षम लाइब्रेरी और को-वर्किंग स्टेशन के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान है। बिजली लाइनों के भूमिगत कार्यों के लिए 150 करोड़ रुपये, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 71 शहरी निकायों में प्रसंस्करण संयंत्रों का निर्माण और 86 शहरी निकायों में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर्स का निर्माण भी इस बजट का हिस्सा है। जो श्रेष्ठ भारत की दिशा में एक कदम है।

यही नहीं महिलाओं के लिए बायो/पिंक टॉयलेट कॉम्प्लेक्स का निर्माण, 500 बसों की खरीद, सेवा मॉडल पर 800 बसें, और 2 वर्षों में 300 इलेक्ट्रिक बसें भी इस बजट में शामिल हैं।

इस बजट में प्रस्तुत की गई योजनाएं राजस्थान के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। सरकार के ये प्रयास राज्य को विकसित और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

औद्योगिक विकास और प्रगति के नए आयाम

उद्योगों के लिहाज से राजस्थान हमेशा से ही अपार संभावनाओं का प्रदेश रहा है, और 2024 के बजट की घोषणा के साथ, सरकार ने इन संभावनाओं को वास्तविकता में बदलने की प्रतिबद्धता दिखाई है। चूंकि मैं खुद एक उद्योगपति हूं ऐसे में मैं यह मानता हूं कि बजट में प्रस्तुत की गई व्यापक और दूरदर्शी नीतियाँ एक समृद्ध, स्थायी और समावेशी राजस्थान की दृष्टि को प्रतिबिंबित करती हैं। निम्नलिखित मुख्य बिंदु विभिन्न क्षेत्रों में बजट की पहलों को उजागर करते हैं, जो राज्य में विकास के नए आयामों की शुरुआत का वादा करते हैं।

आर्थिक वृद्धि को गति देना

  • औद्योगिक नीति-2024: ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (EoDB) और स्थिरता पर केंद्रित यह नीति औद्योगिक विकास के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने का लक्ष्य रखती है, जिससे व्यवसायों के संचालन और फलने-फूलने में आसानी होगी।
  • निर्यात संवर्धन नीति: राजस्थान के निर्यात क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली यह नीति स्थानीय व्यवसायों को वैश्विक बाजारों तक पहुँचाने में मदद करेगी, जिससे राज्य की आय और आर्थिक पदचिह्न बढ़ेगा।
  • वस्त्र और परिधान नीति: यह पहल वस्त्र क्षेत्र को मजबूत करेगी, रोजगार सृजित करेगी और राजस्थान को वस्त्र निर्माण का केंद्र बनाएगी।
  • राजस्थान वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स नीति: वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाकर, यह नीति आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में सुधार करेगी और राज्य में अधिक व्यवसायों को आकर्षित करेगी।
  • प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन और निवेशक शिखर सम्मेलन: ये कार्यक्रम निवेश को आकर्षित करेंगे और वैश्विक निवेशकों के सामने राजस्थान की संभावनाओं को प्रदर्शित करेंगे।
  • राजस्थान पेट्रो ज़ोन (RPZ) बालोतरा में: यह समर्पित पेट्रो ज़ोन पेट्रोकेमिकल उद्योग की वृद्धि को उत्प्रेरित करेगा।
  • रक्षा निर्माण हब: रक्षा निर्माण के लिए एक हब स्थापित करने से स्थानीय उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय सुरक्षा में भी योगदान मिलेगा।
  • ‘अमृत ग्लोबल टेक्नोलॉजी और एप्लिकेशन सेंटर’ जयपुर में: 200 करोड़ रुपये के बजट के साथ, यह केंद्र राजस्थान को तकनीकी नवाचार में अग्रणी बनाएगा।
  • डेटा सेंटर नीति: यह नीति डेटा केंद्रों में निवेश आकर्षित करेगी, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  • विशेष औद्योगिक पार्क: भीलवाड़ा में वस्त्र पार्क, बीकानेर में सिरेमिक पार्क, और अन्य विशेष पार्क राज्य भर में उद्योग-विशिष्ट विकास को बढ़ावा देंगे।
  • स्टोन मंडियां और क्लस्टर: स्टोन क्लस्टर्स को अपग्रेड करना और नई मंडियों की स्थापना पारंपरिक पत्थर उद्योग को समर्थन देगी, जिसमें 125 करोड़ रुपये का आवंटन है।
  • एक जिला, एक उत्पाद नीति: यह नीति स्थानीय उत्पादों और उद्योगों को बढ़ावा देगी, जिसमें प्रति वर्ष 100 करोड़ रुपये का व्यय होगा।
  • पीएम-यूनिटी मॉल जयपुर में: 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ, यह मॉल खुदरा और पर्यटन को बढ़ावा देगा।
  • एमएसएमई नीति-2024: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह नीति जमीनी स्तर के व्यवसायों को बहुत जरूरी समर्थन प्रदान करेगी।
  • माटी कला के लिए उत्कृष्टता केंद्र: पारंपरिक कला और शिल्प को बढ़ावा देना, यह केंद्र राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करेगा।

पर्यटन, कला और संस्कृति

राजस्थान सरकार का 2024 का बजट सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की इसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

  • नई पर्यटन नीति: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई यह नीति राजस्थान को और भी अधिक आकर्षक गंतव्य बनाएगी।
  • राजस्थान पर्यटन विकास बोर्ड: बोर्ड पर्यटन विकास की देखरेख करेगा, समन्वित और कुशल वृद्धि सुनिश्चित करेगा।
  • राजस्थान पर्यटन अवसंरचना और क्षमता निर्माण कोष (RTICF): 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के परियोजनाओं के साथ, यह कोष पर्यटन अवसंरचना को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा।
  • मुख्य पर्यटक स्थलों का विकास: जयपुर, जोधपुर और उदयपुर सहित 20 प्रमुख पर्यटक स्थलों के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो आगंतुकों के अनुभव को बढ़ाएगा।
  • राजस्थान विरासत संरक्षण और विकास प्राधिकरण: यह प्राधिकरण राज्य की समृद्ध विरासत को संरक्षित और विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
  • जयपुर वॉल्ड सिटी हेरिटेज डेवलपमेंट प्लान: 100 करोड़ रुपये के कार्यों के साथ, यह योजना ऐतिहासिक शहर का पुनरुत्थान करेगी।
  • जैसलमेर में फॉसिल पार्क और ओपन रॉक्स म्यूज़ियम: ये अनूठे आकर्षण प्राकृतिक इतिहास में रुचि रखने वाले पर्यटकों को आकर्षित करेंगे।
  • राजस्थान मंडपम जयपुर में: यह केंद्र एमआईसीई (बैठकें, प्रोत्साहन, सम्मेलन, प्रदर्शनियां) पर्यटन को बढ़ावा देगा।
  • इको-टूरिज्म साइट्स: सांभर झील और खींचन संरक्षण रिजर्व जैसी साइटों का विकास प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करेगा।
  • सारिस्का और रणथंभौर में ईवी आधारित परिवहन प्रणाली: पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना, यह प्रणाली पर्यटन के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करेगी।
  • खाटूश्यामजी विकास: खाटूश्यामजी के लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन सुविधाओं को बढ़ाएगा।
  • मंदिरों में विशेष कार्यक्रम: ये कार्यक्रम त्योहारों का जश्न मनाएंगे और भक्तों को आकर्षित करेंगे, सांस्कृतिक पर्यटन को समृद्ध करेंगे।
  • मंदिरों और धार्मिक स्थलों का नवीनीकरण: इन स्थलों को बढ़ाना आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा।
  • जनजातीय नायकों के स्मारक और संग्रहालय: जनजातीय इतिहास और संस्कृति का जश्न मनाना समावेशी विरासत पर्यटन को बढ़ावा देगा।
  • शिल्पग्राम डूंगरपुर में: यह शिल्प गांव स्थानीय कारीगरों का समर्थन करेगा और पारंपरिक शिल्प में रुचि रखने वाले पर्यटकों को आकर्षित करेगा।
  • ऐतिहासिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण: 40 करोड़ ऐतिहासिक पांडुलिपियों को संरक्षित करना राजस्थान की समृद्ध साहित्यिक विरासत की रक्षा करेगा।
  • जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का विस्तार: टर्मिनल क्षमता बढ़ाना और एक नया राज्य टर्मिनल जोड़ना पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की सुविधा प्रदान करेगा।
  • उड़ान प्रशिक्षण केंद्र: किशनगढ़–अजमेर और हमीरगढ़–भीलवाड़ा में केंद्र स्थापित करना विमानन प्रशिक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देगा।

राजस्थान सरकार के बजट 2024: विकास के नए आयाम

राजस्थान सरकार ने 2024 के बजट में विकास और समृद्धि की नई दिशाएं तय की हैं। इस बजट में अनेक महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है जो राज्य के हर वर्ग को लाभान्वित करेंगे। यह बजट न केवल वर्तमान को संवारने का प्रयास है, बल्कि भविष्य को भी सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

वन और पर्यावरण

सरकार ने अगले वर्ष से ‘ग्रीन बजट’ लागू करने की घोषणा की है, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक महत्वपूर्ण कदम है। वृक्षारोपण महाअभियान के तहत 7 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जो हरियाली को बढ़ावा देने में मदद करेगा। ‘मिशन हरियाळो राजस्थान’ के अंतर्गत 5 वर्षों में 4 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे राज्य में पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को मजबूती मिलेगी। हर जिले में ‘मातृ वन’ स्थापित करने और ‘वन जिला-एक प्रजाति’ कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।

युवाओं का विकास और कल्याण

राजस्थान सरकार ने युवाओं के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अगले 5 वर्षों में 4 लाख नौकरियों की भर्ती की जाएगी, जिसमें से 1 लाख भर्ती इसी वर्ष होगी। ‘युवा नीति-2024’ के अंतर्गत प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित काउंसलिंग जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। ‘अटल उद्यमिता कार्यक्रम’ के तहत स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे नए उद्यमियों को बढ़ावा मिलेगा।

चिकित्सा और स्वास्थ्य

चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) वाउचर योजना’ को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ‘आयुष्मान मॉडल सीएचसी’ स्थापित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन’ के अंतर्गत अगले तीन वर्षों में 15 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

शिक्षा और कौशल विकास

सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 20 आईटीआई और 10 पॉलिटेक्निक कॉलेज अगले 2 वर्षों में स्थापित किए जाएंगे। 12 नए कॉलेज, 8 गर्ल्स कॉलेज, 3 कृषि कॉलेज और 10 कॉलेजों को यूजी से पीजी में उन्नत किया जाएगा। 150 आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिससे छात्रों को आधुनिक और उन्नत तकनीकों की जानकारी प्राप्त होगी।

खेल और युवा कल्याण

राजस्थान सरकार ने खेल और युवा कल्याण के लिए ‘खेल नीति-2024’ लागू की है। ‘महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय’ की स्थापना की जाएगी, जिसमें 250 करोड़ रुपये का निवेश होगा। हर जिले में ‘एक जिला-एक खेल’ योजना और खेल अकादमी की स्थापना की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए ‘खेल जीवन बीमा योजना’ के तहत 25 लाख रुपये तक की दुर्घटना और जीवन बीमा कवरेज प्रदान की जाएगी।

पेट्रोल और डीजल पर वीएटी दर में कटौती, जो माननीय प्रधानमंत्री की गारंटी को पूरा करने का प्रयास करते हुए और पेट्रोल और डीजल की दरों के मामले में देश में पहली कोशिश है। यह एक राज्य एक दर की दिशा में कार्य किया गया है।

भूमि कर की समाप्ति।

शक्कर और गुड़ के मंडी कर की समाप्ति।

सरकार ने आम आदमी और व्यापारिक समुदाय को कर बोझ और महंगाई से राहत देने की कोशिश की है, अगर भले ही राजस्व विकास और राज्य की जनकल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार यह प्रतिबद्ध है कि राज्य में राजस्व आय के विभागों में आवश्यक कदम उठाएगी, विकास की गति को तेज करेगी और आम आदमी और राज्य में निवेशकों को राहत प्रदान करेगी।

इस बजट में राजस्थान सरकार ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। इन योजनाओं और परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में न केवल आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, युवाओं का विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति होगी। राजस्थान सरकार का यह बजट राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

बजट में जिस तरह से जनता पर टैक्स का भार नहीं डालते हुए यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्माजी की सरकार ने जो उपाय किए हैं वो स्तुति योग्य है। यहां तक कि सामाजिक सिस्टम में नाती—पोतों तक को रजिस्ट्री आदि में प्रभावी छूट देने का उपाय करके संस्कृति का रक्षण ही किया है। मुझे दुनिया के पहले कवि श्री कालिदास के महाकाव्य रघुवंशम् के प्रथम सर्ग में 18वें श्लोक का ध्यान आता है। राजा दिलीप की कर व्यवस्था के बारे में वहां उल्लेख है कि-

प्रजानामेव भूत्यर्थं स ताभ्यो बलिमग्रहीत् ।
सहस्रगुणमुत्स्रष्टुमादत्ते हि रसं रवि:॥

अर्थात सूर्य हजार गुना पानी बरसाने के लिए भी पृथ्वी के जल का बहुत कम भाग लेता है, वह समुद्र से जल लेता है। वैसे ही सूर्यवंशी राजा भी अपनी प्रजा के हित के लिए ही आम प्रजा पर कर का भार नहीं डालते।

–सीताराम पोसवाल की कलम से…

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